बुधवार को शेयर बाजार में तेजी देखी गई और चारों ओर खरीदारी का माहौल रहा खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स में 1500 अंक और निफ्टी में 480 अंक की बढ़त दर्ज हुई शुरुआती घंटों में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1 लाख करोड़ जुड़ गए इस बार तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही और छोटे व मझोले शेयरों में भी खरीदारी हुई निफ्टी स्मॉल कैप में 3 प्रतिशत और मिड कैप में 2.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई इससे पूरे बाजार में एक साथ बढ़त देखने को मिली
शांति प्रस्ताव से बढ़ी उम्मीद
इस तेजी का मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आया प्रस्ताव रहा अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट शांति प्रस्ताव भेजा और बातचीत पाकिस्तान के जरिए हुई इसमें दावा किया गया कि ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद बनी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी बाजार के लिए सहायक रही और ब्रैंड क्रूड का भाव नीचे आया भारत के साथ रशियन मार्केट में भी खरीदारी देखी गई लंबे समय बाद अलग अलग बाजारों में इस तरह का रुख एक साथ दिखा
बाजार के सामने तीन जोखिम
तेजी के बीच कुछ दबाव भी बने हुए हैं और डॉलर के मुकाबले रुपया 94 तक पहुंच गया है मार्च में विदेशी निवेशकों ने ₹15000 करोड़ की बिकवाली की है युद्ध खत्म नहीं हुआ है और फिलहाल सिर्फ समझौते की उम्मीद पर बाजार ऊपर गया है जिससे आगे की चाल इस स्थिति पर निर्भर करेगी