बेंगलुरु से आई खबर ने क्रिकेट और कारोबार दोनों दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है इंडियन प्रीमियर लीग की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर अब नए मालिकों के पास चली गई है इस सौदे की कीमत करीब सोलह हजार सात सौ छह करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस सौदे के साथ साफ हो गया है कि क्रिकेट अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है टीमों की कीमत और उनके साथ जुड़ा ब्रांड अब निवेश का बड़ा जरिया बन चुका है. RCB हमेशा से ऐसी टीम रही है जिसकी पहचान सिर्फ खेल से नहीं बल्कि उसके फैंस और नाम से भी बनी है अब जब मालिकाना हक बदला है तो इसकी दिशा और काम करने का तरीका भी बदल सकता है.

आदित्य बिरला ग्रुप के पास गई पूरी हिस्सेदारी

इस डील में आदित्य बिरला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने RCB की पूरी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली है इस समूह के साथ कुछ बड़े मीडिया और निवेश से जुड़े नाम भी जुड़े बताए जा रहे हैं. यह सौदा कई दौर की बातचीत और बोली के बाद तय हुआ RCB को खरीदने में कई बड़े कारोबारी घराने और निवेश समूह भी शामिल थे आखिर में बाजी इसी कंसोर्टियम ने अपने नाम की यह साफ दिखाता है कि IPL की टीमें अब सिर्फ खेल की टीम नहीं बल्कि कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी हैं.

RCB की पहचान और उसका असर

RCB की पहचान सालों से एक मजबूत ब्रांड के रूप में बनी हुई है इस टीम के साथ विराट कोहली का नाम जुड़ा रहा है, जो इसे और खास बनाता है महिला टीम में स्मृति मंधाना की मौजूदगी ने भी इस ब्रांड को और मजबूत किया है. RCB के फैंस देश के अलग अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी हैं सोशल मीडिया पर इसकी पकड़ बहुत मजबूत मानी जाती है यही वजह है कि इस टीम की कीमत बाकी टीमों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है. पुरुष टीम के साथ महिला टीम का हिस्सा भी इस डील में शामिल है यानी पूरा RCB ब्रांड अब नए मालिकों के पास चला गया है.

सही समय पर हुआ सौदा

इस सौदे की टाइमिंग भी अहम मानी जा रही है RCB पिछले कुछ समय से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है टीम का खेल और उसकी लोकप्रियता दोनों बढ़ी हैं. सोशल मीडिया पर टीम की मौजूदगी और फैंस की भागीदारी ने इसकी कीमत को और ऊपर पहुंचाया ऐसे समय में जब टीम का नाम और पहचान मजबूत थी, उसी दौरान यह सौदा तय हुआ

नई लीडरशिप क्या करेगी

इस डील के बाद टीम की कमान अब नए लोगों के हाथ में होगी आर्यमन विक्रम बिरला को चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है जबकि सत्यन गजवानी वाइस चेयरमैन होंगे कुमार मंगलम बिरला ने कहा कि IPL आज दुनिया में अपनी खास जगह बना चुका है और RCB जैसी टीम से जुड़ना उनके लिए अहम है. नई लीडरशिप के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी टीम की पहचान को बनाए रखते हुए उसे आगे बढ़ाने की होगी

खरीद की रेस में कौन कौन था शामिल

RCB को खरीदने की दौड़ में कई बड़े नाम शामिल थे इनमें आदर पूनावाला और रंजन पाई जैसे कारोबारी भी शामिल थे कुछ विदेशी निवेश समूहों ने भी दिलचस्पी दिखाई थी कड़ी टक्कर के बाद यह सौदा आदित्य बिरला ग्रुप के पास गया इससे यह भी साफ हुआ कि IPL टीमों को लेकर बाजार में काफी रुचि है.

2008 से अब तक कीमत में तेज बढ़त

RCB की कीमत में आई बढ़त खुद एक बड़ी कहानी है साल 2008 में जब IPL शुरू हुआ था तब इस टीम को करीब एक सौ ग्यारह मिलियन डॉलर में खरीदा गया था अब यही टीम करीब एक दशमलव सात आठ बिलियन डॉलर में बिकी है यानी कीमत में कई गुना इजाफा हुआ है. यह बढ़त बताती है कि IPL का मॉडल लगातार मजबूत हुआ है और टीमों की ब्रांड वैल्यू तेजी से बढ़ी है.

मंजूरी के बाद पूरी होगी प्रक्रिया

इस डील को पूरी तरह लागू होने के लिए कुछ मंजूरी जरूरी है इसमें बीसीसीआई और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की अनुमति शामिल है. इन मंजूरियों के बाद ही टीम का पूरा नियंत्रण नए मालिकों के पास जाएगा उम्मीद की जा रही है कि अगले सीजन तक यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है.

इस सौदे का असर क्या होगा

RCB की बिक्री का असर सिर्फ एक टीम तक सीमित नहीं रहेगा इसका असर पूरे IPL पर देखने को मिल सकता है. नए निवेश के बाद टीम में खिलाड़ियों पर खर्च बढ़ सकता है ट्रेनिंग और सुविधाओं में सुधार देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही दूसरी टीमों की कीमत भी बढ़ सकती है क्योंकि बाजार में अब एक नया बेंचमार्क तय हो गया है.

IPL अब पहले जैसा टूर्नामेंट नहीं रहा यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है जहां खेल के साथ साथ पैसा और ब्रांड दोनों साथ चलते हैं. टीमें अब सिर्फ मैच जीतने पर नहीं बल्कि अपनी पहचान बनाने और फैंस को जोड़ने पर भी ध्यान देती हैं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी मौजूदगी भी उतनी ही अहम हो गई है जितनी मैदान पर प्रदर्शन

फैंस के लिए क्या बदलेगा

RCB के फैंस के लिए यह बदलाव दिलचस्प रहेगा टीम की जर्सी में बदलाव हो सकता है मार्केटिंग के नए तरीके देखने को मिल सकते हैं. फैंस के साथ जुड़ने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है नए खिलाड़ियों की एंट्री और टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव भी संभव है. सबसे अहम बात यह होगी कि टीम अपने पुराने फैंस के भरोसे को कैसे बनाए रखती है.

भारत में स्पोर्ट्स में बढ़ती दिलचस्पी

इस डील ने एक बार फिर दिखा दिया है कि भारत में खेल के क्षेत्र में पैसा तेजी से आ रहा है क्रिकेट इसमें सबसे आगे है. IPL ने जिस तरह से खुद को स्थापित किया है, उसने दूसरे खेलों के लिए भी रास्ता खोल दिया है. निवेश करने वाले अब खेल को एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में देख रहे हैं जहां से लंबे समय तक कमाई की जा सकती है.