अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाई गई एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि यह योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के माध्यम से सौंपी गई पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश भी की है.
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल Ebrahim Zolfaghari ने इस योजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी सरकारी टेलीविजन पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि उनकी पहली और आखिरी बात यही है कि वे अमेरिका जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे उन्होंने यह भी कहा कि न अभी और न कभी इस तरह की किसी बात को स्वीकार किया जाएगा
बातचीत पर उठे सवाल
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी इस योजना पर ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं वहीं जुल्फाघारी के बयान से यह संकेत मिला कि कोई बातचीत नहीं हो रही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका के अंदर मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि वह खुद से ही बातचीत कर रहा है.
अमेरिका की सेना 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से कम से कम 1000 और सैनिक तैनात करने की तैयारी में है ताकि पहले से मौजूद करीब 50000 सैनिकों को मजबूती मिल सके रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय Pentagon दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी तैनात करने की प्रक्रिया में है जिनमें करीब 5000 मरीन और नौसेना के कई कर्मी शामिल होंगे
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
ईरान पर हवाई हमले जारी हैं और ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया है Strait of Hormuz पर अंतरराष्ट्रीय नौवहन प्रभावित हुआ है जिससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है और उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा है ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि जिस रणनीतिक ताकत की बात अमेरिका करता था वह अब विफलता में बदल गई है और अपनी हार को समझौते का नाम नहीं देना चाहिए