केरल चुनाव के बीच कांग्रेस के भीतर नाराज़गी को शांत करने की कोशिश तेज हो गई है. पार्टी 100 सीटों के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही है और बागी उम्मीदवारों को रोकना अहम माना जा रहा है. तिरुवनंतपुरम से आई एक तस्वीर में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल नाराज़ नेता संजय खान को गले लगाते दिखाई दिए. सीट बंटवारे के फैसले से नाराज़ होकर संजय खान ने स्वतंत्र चुनाव लड़ने का संकेत दिया था. मुलाकात के बाद उन्होंने अपना रुख बदला और मामला शांत हो गया.

पुनालूर सीट पर विवाद

केरल में सीट शेयरिंग के तहत कोल्लम जिले की पुनालूर सीट मुस्लिम लीग को दी गई. इस फैसले से कांग्रेस नेता संजय खान नाराज़ हो गए और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. एडवोकेट एसई संजय खान की घोषणा से यूडीएफ के मुस्लिम लीग उम्मीदवार को नुकसान की आशंका थी. इसी वजह से केसी वेणुगोपाल ने खुद पहल की और संजय खान से मुलाकात की. उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन्हें गले लगाया और बातचीत की. मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पार्टी उनके योगदान का ध्यान रखेगी. इस बातचीत के बाद संजय खान ने अपना निर्णय बदल दिया और बगावत टल गई. इस कदम की पार्टी के भीतर चर्चा हुई और इसे संगठन को साथ रखने की कोशिश के तौर पर देखा गया.

संजय खान का राजनीतिक परिचय

संजय खान केरल के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में गिने जाते हैं. कोल्लम जिला कांग्रेस कमेटी में वे महासचिव की भूमिका निभा चुके हैं. वे यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव भी रहे हैं. जिले में उनकी सक्रियता से उनकी पहचान बनी है. पुनालूर सीट पर लंबे समय से सीपीआई का कब्जा रहा है. 1991 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां आखिरी बार जीत हासिल की थी. यूडीएफ में सीट बंटवारे के तहत यह सीट आईयूएमएल को दी गई और नौशाद यूनिस को उम्मीदवार बनाया गया. सीपीआई ने भी उम्मीदवार बदला और अजय प्रसाद सिंह को मैदान में उतारा. 2021 में सीपीआई ने यह सीट 37 हजार से अधिक वोटों से जीती थी. ऐसे में यहां मुकाबला अहम माना जा रहा है और किसी भी तरह का वोट बंटवारा गठबंधन के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता था.

राहुल गांधी का संबोधन

केरल चुनाव के दौरान राहुल गांधी का दौरा तय था लेकिन सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके. उन्होंने वर्चुअली सभा को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि वह अस्पताल में अपनी मां के कमरे में छोटे सोफे पर सो रहे थे और पूरी रात उनकी सेहत को लेकर चिंतित थे. उन्होंने कहा कि एक केरल की नर्स हर घंटे उनकी मां को देखने आती रही और मुस्कुराकर उनका हाथ पकड़ती रही. उन्होंने इस अनुभव को केरल की भावना से जोड़ा. अपने संबोधन में राहुल गांधी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था और राज्य में 40 लाख नौकरियों की बात कही गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि दस साल बीतने के बाद भी लोगों को नौकरी नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई होती है लेकिन केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती.