केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर स्थिति अब साफ हो गई है. सरकार ने लोकसभा में बताया कि इस आयोग के गठन को 3 नवंबर 2025 को मंजूरी दी गई थी और इसके चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति भी हो चुकी है. इससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है और काम आगे बढ़ रहा है. अब कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल सैलरी बढ़ोतरी और लागू होने की तारीख को लेकर बना हुआ है. इस पर सरकार ने समय सीमा और संभावित असर के बारे में जानकारी दी है.
रिपोर्ट आने की समय सीमा
सरकार के अनुसार आठवां वेतन आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी फाइनल रिपोर्ट देगा. यदि तय समय के अनुसार काम होता है तो रिपोर्ट 2026 के मध्य या साल के अंत तक आ सकती है. इसके बाद सरकार इस रिपोर्ट पर फैसला लेगी और नई सैलरी लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी. इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन अब प्रक्रिया की दिशा साफ हो चुकी है और समय सीमा भी तय हो गई है.
सैलरी बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर
सैलरी बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है. अगर यह 2.0 से 2.57 के बीच तय होता है तो बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18000 रुपये है तो 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह करीब 46000 रुपये तक पहुंच सकती है. इसका असर अलग अलग लेवल के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा और हर ग्रेड में वेतन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. यह आंकड़े अभी अनुमान हैं और अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिश और सरकारी मंजूरी के बाद ही सामने आएगा.
पेंशन, डीए और लागू होने की तारीख
आयोग केवल सैलरी ही नहीं बल्कि पेंशन और महंगाई भत्ता की भी समीक्षा करेगा. इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी फायदा मिल सकता है. वहीं आयोग ने सुझाव देने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया है, जो पहले 16 मार्च 2026 थी. कर्मचारी संगठन और अन्य पक्ष इस तारीख तक अपने सुझाव दे सकते हैं. नई सैलरी को 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन यह रिपोर्ट और सरकारी मंजूरी पर निर्भर करेगा. अगर लागू होने में देरी होती है तो कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है.